

भविष्य में रेलवे के लिए भी यहीं जगह चिह्नित की है। यहां से एनडीआरएफ को जल्दी मूवमेंट व क्विक रिएक्शन के लिए बेहतर कनेक्टिविटी सुविधा है। इधर बैहना पंचायत की प्रधान कमला चंदेल ने बताया कि बैहना व कुम्मी पंचायतों में एनडीआरएफ बटालियन के लिए जमीन को लेकर एडीएम के साथ बैठक हुई है, जिसमें दोनों पंचायतों से एनओसी मांगी गई है। शीघ्र ही मुहाल सभा करवाकर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इसलिए हो रहा गठन
मंडी जिला के थलौट में वर्ष 2014 में व्यास नदी में हैदराबाद इंजीनियरिंग कॉलेज के 24 छात्र बह गए थे, जिनकी तलाश में कई दिक्कतें आईं थीं। इस हादसे में सभी 24 छात्र मृत मिले थे। रेस्क्यू अभियान लगभग 20 दिन चला था। इस हादसे के बाद राज्य सरकार ने केंद्र से प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जिले में एनडीआरएफ बटालियन मुहैया करवाने की मांग की थी। हिमाचल में इस तरह के हादसे होते रहते हैं। इसी के मद्देनजर एनडीआरएफ की बटालियन की आवश्यकता थी।
